अहमियत – आख़िरी हद तक 🖤 अहमियत इतनी दो कि अफ़सोस तुम्हें न हो रिश्तों में अहमियत क्यों भारी पड़ जाती है कुछ लोग रिश्ते निभाते नहीं,इस्तेमाल करते हैं— और जब इस्तेमाल पूरा हो जाए,तो निकलते वक्त दोष भी छोड़…
Part-2 | आदत से मोहब्बत तक कहते हैं न,आदत और मोहब्बत मेंफ़र्क करना सबसे मुश्किल होता है। मुझे भी शुरुआत में नहीं पता चलाकि जो मैं महसूस कर रहा हूँवो सिर्फ़ आदत नहीं थी। अब मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगीका वो…